नकारात्मकता क्या है, इसे कैसे दूर किया जाए, आपके सभी सवालों के जवाब यहां मिलेंगे

नकारात्मकता क्या है, इसे कैसे दूर किया जाए, आपके सभी सवालों के जवाब यहां मिलेंगे

नकारात्मकता क्या है ?

    दोस्तों हमें ये जानना बहुत ही जरुरी है की जिस रोग से हम  गुजर  रहे वो है क्या , दरअसल में नकरत्मक्ता एक ऐसी अवस्था है जो की लोगो के दिमाग में कमजोरी, डर , और कुछ न करने की ताकत देता है | 
     आप ये भी कह  अगर आप के अंदर नकारात्मक जैसा कोई भी शब्द दिमाग में हो तब आप आगे नही बढ़ पाएंगे | 

 पहचान क्या है ?

    दिमाग में कुछ ना  करने का डर , चिढ़चिढ़ापन ,झगड़ालू सवभाव, इत्यादि 

 कारण 

कार्यक्षेत्र में असफलता ,घरेलु झगडे इत्यादि |  हम इनको दो दो तरीको में बाट  सकते है 
  1. अंदरूनी कारण
  2. बाहरी कारण

अंदरूनी कारण

अकेले रहना ,काम में असफलता ,घरेलु झगडे आदि 

बाहरी कारण
 सामान्य सर्दी झुकाम , थकावट ,तनाव , भूक नींद की कमी  कारण होती है 

 दूर करने के तरीके 

इसे इसे हम दो तरीको से दूर कर  सकते है पहले 
  1. प्रतीकात्मक 
  2. भावनात्मक 

प्रतीकात्मक तरीका 

  1.  घर में लड़ाई झगडे हो तब आपके मन में चिढ़चिढ़ात और  जिससे की   आपके अंदर नकारात्मक चीजे आती है अगर आपके  साथ  ऐसा होता है तो आपको    गुग्गल ,लोबान  पीला सरसो का धुआं पुरे घर में फैलाये 
  2.  नकारात्मकता के कारण  आपके मन में दर बैठ जाता है जिससे की आप कोई  काम नहीं कर सकते  ऐसी स्तिथि में आपको  एक पीतल  के पात्र में जल लेना है उसमे लौंग व् गलत की पंखुडिया डालकर आप जिसभी भगवन की पूजा करते है उनका  ध्यान कीजिये और जल का छिड़काव पुरे घर में कीजिये   कुछ दिन तक कीजिये लाभ मिलेगा 
  3. जब आपके घर में सब कुछ ठीक  हो  फिर भी आपके घर में सुख शांति न हो तब वास्तु दोष हो सकता है इसे तक करने के लिए आपको गाय  के शुद्ध घी में हल्दी और सिंदूर मिलाकर पांच बार अपने घर ले मुख्या द्वार पांच बार तिलक करेऔर सुबह उठाते ही मुख्या द्वार को खोले औरऔर तांबे के बर्तन से जल छिड़के 
  4.  जब आपके घर में आर्थिक परसगनिया हो तब आपको उस स्तिथि में घर के सबसे बड़े को  को बृहस्पतिवार के दिन घर के सभी सदस्य से एक पत्र में चावल इकठा कर ले और उसे धार्मिक स्थल पर ले जाकर दान कर दे ऐसा पांच बृहस्पतिवार को करे

भावनात्मक तरीका 

दोस्तों अगर हम नशा करते है या हमरे अपने सम्बन्ध जोकि हमें बहुत प्रिय होते हैअगर वे छोड़ कर चले जाये या किसी वजह से हमारा रिलेशन टूट जाये तो हम अवसाद में चले जाते है ऐसी स्थिति में हमें अपने आपको भरपूर समय देना चाहिए ताकि हम ये समझ सके की जो कुछ हो रहा वो सही है या गलत कभी कभी तो मानसिक हालत बिगड़ जाते है इस स्तिथि में अपने आपको संभालना पड़ता है अपने प् भरोसा करना पड़ता है आप योग करे जिससे की आपका स्ट्रेस काम हो आप डॉक्टर के पास जा सकते है 
उदाहरण के तौर पे एक क्रिकेटर वो जब तकछा परफॉरमेंस देता है लोग उसे सर पर चढ़ा कर रखते है जब की अगरउसके विपरीत कुछ मैच में वह रन नहीं बनता या विकेट नहींले पता है तो लोग भला  बुरा कहते  वह क्रिकेटर तनाव में चला जाता है जिससे की उसकी परफॉरमेंस गिरती चली जाती है  बर्बाद हो जाता है 
इसके विपरीत अगर वह आदमी ये सोचे की मुझे इनसे कोई फर्क नहीं पड़ता वह अपनी गलतिया देखे कमजोरी ढूंढे तो वह फिर से बढ़िया परफॉरमेंस दे सकता है वह अपनी नकारात्मक ऊर्जा को सकारत्मक ऊर्जा में परिवर्तित  कर लेता है 

दोस्तों जब लोग आपको भला बुरा कहे तब आप का वही एक अच्छा समय होता है जब आप अपने अनादर बदलाव करके पहले से बेहतर बन सकते है 

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